लेखनी कहानी -27-May-2023
मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता की विज्ञान भगवान को मानता है अथवा नहीं मानता....
परंतु मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि अभी विज्ञान भगवान से बहुत पीछे है क्योंकि भगवान ने तो अनंत सृष्टि की रचना की है.
और वह प्रकृति के नियमों का निर्माता है जिसे विज्ञान ने अभी-अभी खोजा है .
भगवान ने तो अनंत तारे और न जाने कितने सारे ग्रहों का निर्माण किया है मैं तो यहां तक कह सकता हूं कि उसने तो अनंत जीवो की रचना की है अभी तो विज्ञान ने आत्मा और परमात्मा के रहस्य को भी नहीं समझा पाया विज्ञान तो हमें यह भी बताने में असमर्थ है किस अनंत सृष्टि की रचना कैसे हुई है ब्रह्मांड की रचना कैसे हुई है मृत्यु के बाद इंसान का क्या होता है आत्मा कहां से आती है आत्मा है क्या लेकिन मेरा भगवान सब कुछ जानता है यह केवल में अपने मन को समझाने के लिए नहीं कह रहा हूं बल्कि मैं यह बताने की कोशिश कर रहा हूं कि विज्ञान जब निराश हो जाता है तो वह भी उसके बाद भगवान के चरणों में जाता है अपनी सफलता के लिए.....